एक साल मा बाइबिल
जनवरी 19

1. याकूब ठहरि गवा अउ कनान पहटा मँ रहइ लाग। इ उहइ प्रदेस अहइ जहाँ ओकर बाप आइके बसा रहा।
2. याकूब क परिवार क इहइ कथा अहइ। यूसुफ एक सत्रह बरिस क जवान रहा। ओकर पेसा भेड़ी बोकरियन क देखरेख करब रहा। यूसुफ इ काम अरथ अहइ कि बिल्हा अउ जिल्पा क पूतन क संग करत रहा। (बिल्हा अउ जिल्पा ओकरे बाप क मेहररुअन रहिन।) यूसुफ आपन बाप क आपन भाइयन क बुरी बातन बतावत रहा।
3. यूसुफ उ टेम पइदा भवा जब ओकर पिता इस्राएल बहोत बुढ़वा रहा। ऍह बरे इस्राएल, यूसुफ क आपन दूसर पूतन स बेसी पिआर करत रहा। याकूब आपन पूत क एक खास कोट बनवाएस। इ कोट लम्बा अउ बहोत सुन्नर रहा।
4. यूसुफ क भाइयन लखेन कि ओनकइ बाप ओनसे बेसी यूसुफ क जियादा पिआर करत ह। उ पचे इहइ कारण आपन भाई स घिना करत रहेन। उ पचे यूसुफ स अच्छी तरह बात नाहीं करत रहेन।
5. एक दाईं यूसुफ एक खास सपन लखेस। पाछे यूसुफ आपन इ सपना क बारे मँ आपन भाइयन क बताएस। एकरे पाछे ओकरे भाई पहिले स भी जियादा ओसे घिना करइ लागेन।
6. यूसुफ कहेस, “मइँ एक सपना देखेउँ ह।
7. हम पचे सबहि खेते मँ काम करत रहे। हम पचे गोहू क एक साथ बोझ बाँधत रहेन। मोर बोझा खड़ा होइ गवा अउ तू पचन क बोझ मोरे बोझे क चारिहु कइँती घेरि लिहस। तब तोहार सबहिं बोझ मोरे बोझे क निहुरिके प्रणाम किहस।”
8. ओकर भाइयन कहेन, “का, तू सोचत ह कि ऍकर अरथ अहइ कि तू राजा बनब्या अउर हम पचन प राज्ज करब्या?” ओकर भाइयन यूसुफ स अब अउर बेसी घिना करब सुरु किहेस काहेकि उ ओकरे बारे मँ सपना देखत रहा।
9. तब यूसुफ दूसर सपना देखेस। यूसुफ आपन भाइयन स इ सपना क बारे मँ बताएस। यूसुफ कहेस, “मइँ दूसर सपना लखेउँ ह। मँइ सूरज, चन्द्रमा अउ गियारह नछत्रन क आपन क प्रणाम करत लखेउँ।”
10. यूसुफ आपन बाप क भी इ सपना क बारे मँ बताएस। मुला ओकर पिता ओका डाँटेस। ओकर पिता कहेस, “इ कउने तरह क सपना अहइ? का तोहका बिस्सास अहइ कि तोहार महतारी, तोहार भाई अउ हम पचे तोहका प्रणाम करिबइ?”
11. यूसुफ क भाई ओहसे बराबर जलन करत रहा। मुला यूसुफ क पिता इ सबहि बातन क बारे मँ बहोत गहराई स बिचार किहस अउ सोचेस कि ओनकइ अरथ का होई?
12. एक दिन यूसुफ क भाई आपन बाप क भेड़िन क देखरेख बरे सकेम गएन।
13. याकूब यूसुफ स कहेस, “सकेम जा। तोहार भाई मोर भेड़िन क साथ हुआँ अहइ।” यूसुफ जवाब दिहस, “मइँ जाब।”
14. यूसुफ क बाप कहेस, “जा अउ लखा कि तोहार भाई सुरच्छित बाटइ। लौटिके आवा अउ बतावा कि का मोर भेड़िन ठीक अहइँ?” इ तरह यूसुफ क पिता ओका हेब्रोन क घाटी स सकेम क पठएस।
15. सकेम मँ यूसुफ हेराइ गवा। एक मनई ओका खेतन मँ भटकत भवा पाएस। उ मनई कहेस, “तू का हेरत अहा?”
16. यूसुफ उत्तर दिहस, “मइँ आपन भाइयन क हेरत अहउँ। का तू बताइ सकत ह कि उ सबइ आपन भेड़िन क संग कहा अहइँ?”
17. मनई जवाब दिहस, “उ पचे पहिले ही चला गवा अहइँ। मइँ ओनका कहत भवा सुनेउँ कि उ पचे दोतान क जात अहइँ।” ऍह बरे यूसुफ आपन भाइयन क पाछे गवा अउ उ ओनका दोतान मँ पाएस।
18. यूसुफ क भाइयन बहोत दूर स ओका आवत लखेन। उ पचे ओका मारि डावइ क कुचाल बनावइ क ठान लिहन।
19. भाइयन एक दूसर स कहेन, “इ सपना लखइवाला यूसुफ आवत अहइ।
20. मौका मिलत ही हम पचे ओका मारि डाइ। हम ओकरे तने क झुरान भए इरनन मँ स कउनो एक मँ लोकाइ सकित ह। हम आपन पिता स कहि सकित ह कि एक ठु जंगली जनावर ओका मारि डाएस। तब हम पचे ओका देखाउब कि ओकर सपना बेकार अहइँ।”
21. मुला रूबेन यूसुफ क बचावइ चाहत रहा। रूबेन कहेस, “हम पचे ओका मारि नाही।
22. हम लोग ओका बिना चोट किहे एक ठु नारा मँ नाइ सकित ह।” रूबेन यूसुफ क बचावइ अउर ओकरे बाप क लगे पठवइ क जोजना बनाएस।
23. यूसुफ आपन भाइयन क लगे आवा। उ पचे ओह प धावा बोल दिहन अउ ओकरे लम्बे अउ सुन्नर कोट क फाड़ डाएन।
24. तब उ पचे ओका खाली झुरान इनारा मँ बहाइ दिहन।
25. यूसुफ इनारा मँ ओकर भाइयन क भोजन करइ बरे बइठइ तलक रहा। तब उ पचे नजर उठाएन अउ बइपारियन क एक दल क लखेन। जउन गिलाद स मिस्र क जात्रा प रहेन। ओनकइ ऊँटन कइउ तरह क मसाला अउ धन लइ जात रहेन।
26. ऍह बरे यहूदा आपन भाइयन स कहेस, “अगर हम लोग आपन भाई क मारि देब अउ ओकरी मउत क छुपाउब तउ ओसे हमला का लाभ मिली?
27. हम सबन क बेसी फायदा तब होइ जब हम ओका बइपारियन क हाथ बेचि देइ।” दूसर भाई लोग मान गएन।
28. जब मिद्रयानी बइपारी लोग लगे आएन, भाई लोग यूसुफ क नारा स बाहेर निकारेन। उ पचे बीस ठु चाँदी क टूका मँ ओका बेचि दिहन। बइपारियन ओका मिस्र लइ गएन।
29. इ पूरा टेम रूबेन भाइयन क संग हुआँ नाहीं रहा। उ नाहीं जानत रहा कि उ पचे यूसुफ क बेचि दिहे रहेन। जब रूबेन नारा प लौटिके आवा तउ उ लखेस कि यूसुफ हुआँ नाहीं अहइ। रूबेन बहोत जियादा दुःखी भवा। उ आपन ओढ़ना क फाड़ेस।
30. रूबेन भाइयन क लगे गवा अउ उ ओनसे कहेस, “लरिका कुआँ प नाही अहइ। मइँ का करउँ?”
31. भाइयन एक बोकरी क मारेन अउ ओकरे खून क युसुफ क सुन्नर कोट प डाएस।
32. तब भाईयन उ कोट क आपन पिता क देखाएन अउ कहेन, “हमका इ कोट मिला बाटइ, का इ यूसुफ क कोट अहइ?”
33. बाप कोट क लखेस अउ पहिचानेस कि इ यूसुफ क अहइ। पिता कहेस, “हा, इ उहइ क बाटइ। होइ सकत ह कि ओका कउनो जंगली जनावर मारि डाए होइ। मोरे पूत यूसुफ क कउनो जंगली जनावर खाइ गवा।”
34. याकूब आपन ओढ़ना फाडि डाऐस अउ सोक क ओढ़ना पहिर लिहेस। याकूब लम्बे समइ तलक आपन बेटवा क दुःख अउ सोक मँ पड़ा रहा।
35. याकूब क सबइ बेटवन, बिटियन ओका धीरे बँधावइ क जतन किहन। मुला याकूब कबहु धीरे न धरि सका। याकूब कहेस, “मइँ मरइ क दिन तलक आपन पूत यूसुफ क दुःख मँ डूबा रहब।” अउर याकूब आपन पूत क दुःख परगट करब जारी रखा।
36. ओनॅ मिद्यानी बइपारियन जउन यूसुफ क बेसहे रहेन, पाछे ओका मिस्र मँ बेचि दिहन। उ पचे फिरौन क अंकरच्छकन क सेनापति पोतीपर क हाथ ओका बेचेन।
1. ओनही दिनन मँ यहूदा आपन भाइयन क तजि दिहस अउ हीरा नाउँ क मनई क संग रहइ चला गवा। हीरा अदुल्लाम सहर क रहा।
2. यहूदा एक कनानी मेहरारु स हुआँ मिला अउ ओसे बियाह कइ लिहस। मेहरारु क बाप क नाउँ सूआ रहा।
3. कनानी मेहरारु एक पूत क जन्म दिहस। उ पचे ओकर नाउँ एर धरेन।
4. पाछे दूसर पूत क जन्म दिहस। उ पचे लरिका का नाउँ ओनान धरेन।
5. पाछे ओका दूसर पूत सेला नाउँ क भवा। यहूदा तीसर बच्चा क जन्म क टेम कजीब मँ रहत रहा।
6. यहूदा आपन पहिले पूत एर बरे बहू क रुप मँ एक ठु मेहरारु क चुनेस। मेहरारु क नाउँ तामार रहा।
7. मुला एर बहोत सी बुरी बातन क किहेस। यहोवा ओसे खुस नाही रहा। ऍह बरे यहोवा ओका मारि डाएस।
8. तब यहूदा एर क भाई ओनान स कहेस, “जा अउर मरे भाई क मेहरारु क संग सोआ। तू ओकरे भतार क नाईं बना। अगर लरिका होइहीं तउ उ पचे तोहरे भाई एर क होइहीं।”
9. ओनान जानत रहा कि जोड़ा स पइदा भए लरिकन ओकर नाही होइहीं। ओनान तामार क संग तने क सम्बंध किहस। मुला उ ओका आपन गरभ धारण करइ नाही दिहस।
10. एहसे यहोवा कोहाइ गवा। ऍह बरे यहोवा ओनान क भी मारि डाएस।
11. तब यहूदा आपन पतोहू तामार स कहेस, “आपन बाप क घरे लौटि जा। हुअँइ रहा अउर तब तलक बियाह जिन करा जब तलक मोर लहुरा पूत सेला बाढ़ न जाइ।” यहूदा क डर रहा कि सेला भी आपन भाइयन क तरह मारि डावा जाइ। तामार आपन बाप क घर लौटि गइ।
12. पाछे सुआ क बिटिया यहूदा क मेहरारु मरि गइ। यहूदा आपन दुःख क टेम क पाछे अदुल्लाम क आपन मीत हीरा क संग तिम्ना गवा। यहूदा आपन भेड़ी क ऊन कतरइ तिम्ना गवा।
13. तामार क इ मालूम भवा कि ओकर ससुर यहूदा आपन भेडिँन क ऊन कतरइ तिम्ना क जात अहइ।
14. तामार हमेसा अइसे ओढ़ना पहिरत रही जेहसे मालुम होइ कि इ राँड़ अहइ। ऍह बरे उ कछू दूसर ओढ़ना पहिरेस अउ मुँह क पर्दा मँ ढाँकि लिहस। तब उ तिम्ना सहर क लगे एनैम क जाइवाली सड़क क किनारे बइठि गइ। तामार जानत रही कि यहूदा क लहुरा बेटवा अब बाढ़ि ग अहइ। मुला यहूदा ओसे ओकरे बियाहे क कउनो योजना नाहीं बनावत अहइ।
15. यहूदा उहइ सड़क स जात्रा किहस। उ ओका लखेस, मुला बिचारेस कि उ पतुरिया अहइ। (ओकरे मुँह पतुरिया क तरह ढका भवा रहा।)
16. ऍह बरे यहूदा ओकरे लगे गवा अउ बोला, “मोका आपन संग तने क सम्बंध करइ द्या।” (यहूदा नाहीं जानत रहा कि उ ओकर पतोहू तामार अहइ।) तामार बोली, “तू मोका केतना देब्या?”
17. यहूदा जवाब दिहस, “मइँ आपन भेड़ि क झुण्ड स तोहका एक नई बोकरी पठउब।” उ जवाब दिहस, “मइँ एका अंगीकार करत अहइँ मुला पहिले तू मोका कछू रखइ क द्या जब तलक तू बोकरी नाही पठउत्या।”
18. यहूदा पूछेस, “मइँ बोकरी पठइब एकरे सबूत बरे मोसे का लेइ चहुबिउ?” तामार जवाब दिहस, “मोका तोहार मोहर अउर धगा द्या अउ मोका आपन टहरइ क कुबरी द्या।” यहूदा इ सबइ चीजन ओका दिहस। तब यहूदा अउ तामार तने क सम्बंध, किहन अउ तामार गोड़े स भारी होइ गइ।
19. तामार घरे गइ अउ मुँह क ढाँपइ वाला पर्दा क हटाएस। तब उ फुन आपन क राँड़ बतावइ वाला खास ओढ़ना क पहिरेस।
20. पाछे यहूदा आपन मीत हीरा क पतुरिया क बोकरी देइ एनैम पठएस जेका उ जबान दिहे रहा। यहूदा हीरा स खास मोहर अउ टहरइ क कुबरी भी ओसे लेइ बरे कहेस। मुला हीरा ओका न पाइ सका।
21. हीरा एनैम सहर क कछू लोगन स पूछेस, “सड़क क किनारे जउन पतुरिया रही, उ कहाँ बाटइ?” मनइयन जवाब दिहन, “हिआँ कबहु कउनो पतुरिया नाही रही।”
22. तउ यहूदा क मीत यहूदा क लगे लौटि गवा अउ ओसे कहेस, “मइँ उ मेहरारु क पता नाही लगाइ सकेउँ। जउन मनइयन उ जगह बसत अहइँ उ पचे मोका बताएन कि हुआँ कबहु कउनो पतुरिया नाही रही।”
23. ऍह बरे यहूदा कहेस, “ओका उ सबइ चीजन राखइ द्या। मइँ नाही चाहत कि लोग हम पचन प हसउआ करइँ। मइँ ओका बोकरी देइ चाहेउँ, मुला हम ओकर पता नाहीं लगाइ सके। इहइ बहोत अहइ।”
24. लगभग तीन महीना पाछे कउनो यहूदा स कहेस, “तोहार पतोहू तामार एक पतुरिया क नाईं पाप किहे अहइ अउ अब उ गरभ धारण किहे अहइ।” तब यहूदा कहेस, “ओका बाहेर निकारा अउ ओका जराइ के मार डावा।”
25. ओकर आदमी तामार क मारइ गएन। मुला तामार आपन ससुर क लगे सँदेसा पठएस। तामार कहेस, “जउन मनई मोका गरभधारण कराएस ह उहइ क इ सबइ चीजन अहइँ। इ सबइ चीजन क लखा। उ सबइ केकर अहइँ? केकर इ खास मोहर अउ इ धागा अउर इ टहरइ क कुबरी अहइ?”
26. यहूदा ओन सबहि चीजन क पहिचानेस अउ कहेस, “इ ठीक कहत बाटइ। मइँ गल्ती किहेउँ। मइँ आप क बचन क अनुसार आपन बेटवा सेला क ऍका नाही दिहेउँ” अउ यहूदा ओकरे संग फुन नाही सोवा।
27. तामार क लरिका जन्मइ क टेम आवा अउ उ पचे लखेन कि उ जुड़ौधा बच्चन क जन्मी।
28. जउन टेम उ जन्मत रही एक लरिका बाहेर हाथ निकारेस। धाई हाथे प लाल धागा बाँधेस अउ कहेस, “इ बच्चा पहिले पइदा भवा।”
29. मुला उ बच्चा आपन हाथ वापिस भितरे हीच लिहस। तब दूसर बच्चा पहिले पइदा भवा। तब दाई कहेस, “लखा तू कैसे निकरइ आएस।” ऍह बरे उ पचे ओकर नाउँ पेरेस राखेन।
30. ऍकरे पाछे दूसर बच्चा पइदा भवा। इ उहइ बच्चा रहा जेकरे हाथे प लाला धागा रहा। उ पचे ओकर नाउँ जेरह राखेन।
11. अरे ओ सिय्योन क निवासी लोगो यहोवा क गीत गावा जउन सिय्योन मँ विराजत अहइ। सबहिं जातियन क ओन बातन क विसय मँ बतावा जउन बड़की बातन यहोवा कहेस ह।
12. यहोवा हत्यारन क सज़ा देत ह अउर ओनका याद रखत ह जउन ओकरे लगे मदद बरे जात ह। उ दीन लोगन क नाहीं भूलत जउन ओकरे लगे सहायता बरे रोवत अहइँ।
13. यहोवा क स्तुति मइँ गाएउँ ह: “हे यहोवा, मोहे पइ दाया करा। लखा, कउने तरह मोरे सत्रु मोका दुःख देत हीं। ‘मउत क दुआर’ स तू मोका बचाइ ल्या।
14. जेहसे यहोवा यरूसलेम क फाटक पइ मइँ तोहार स्तुति क गीत गाइ सकउँ। मइँ बहोतइ प्रसन्न होब काहेकि तू मोका बचाइ लिहा।”
15. दूसर जातियन गड़हा खोदेन जेहसे लोग ओनमाँ भहराइ जाइँ मुला उ पचे आपन ही खने भए गड़हन मँ खुद बिलाइ जइहीं। दुट्ठ लोग जालि छुपाइ छुपाइके बिछाएन, जेहसे उ पचे ओहमाँ दूसर लोगन क फाँसि लेइँ। मुला ओनमाँ ओनकर ही गोड़ धँसि गएन।
16. यहोवा जउन निआव किहस उ ओहसे पहिचाना गवा कि जउन बुरा करम करत हीं। उ पचे आपन ही हाथन स कीन्ह भए करम स जाँलि मँ फँस गएन। (हिग्गायोन, सेला)
17. उ पचे दुर्जन होत हीं, जउन परमेस्सर क बिसरत हीं। अइसे लोग मउत क देस जइहीं।
18. कबहुँ कबहुँ लागत ह जइसे परमेस्सर दुखियन क पीरा मँ बिसरि जात ह। इ अइसा लागत ह जइसे दीन लोग बिना आसा क अहइँ। मुला परमेस्सर दीन लोगन क हमेसा हमेसा बरे कबहुँ नाहीं बिसरत।
19. हे यहोवा, उठा अउ रास्ट्रन क निआव करा। कहूँ उ पचे इ सोच न बइठइँ उ पचे प्रबल अउ सक्तीसाली बाटेन।
20. मनइयन क पाठ सिखाइ द्या, जेहसे उ पचे जान जाइँ कि उ पचे बस सिरिफ मनई अहइँ।
31. कउनो उपद्रवी मनई स तू जलन जिन करा, अउर ओकर कउनो भी राहे क अनुसरन जिन करा।
32. काहेकि यहोवा कुटिल लोगन स घिना करत ह अउ इमानदार लोगन क अपनावत ह।
33. दुट्ठ मनई क घरे यहोवा क सराप रहत ह, उ नेक क घरे क आसीर्वाद देत ह।
34. उ स्वार्थी अउर घमंडी लोगन क हँसी उड़ावत ह, मुला विनम्र लोगन पइ उ मेहरबानी करत ह।
35. विवेकी जन तउ आदर पइहीं, मुला उ मूर्खन क, लज्जित ही करी।
1. उहइ दिन ईसू उ घरवा क छोड़िके झिलिया क किनारे उपदेस देइ जाइ बइठा।
2. बहोत मिला ओकरे चारिउँ कइँती ऍकट्ठा होइ गएन। तउ एक दिन उ नाउ प चढ़िके बइठि गवा। अउ भीड़ किनारे खड़ी रही।
3. उ ओनका दिस्टान्त क सहारा लेत भवा बहोत सी बात बताएस। उ कहेस, “एक किसान बिआ बोअइ निकरा।
4. उ जब बोआई करत रहा तउ कछू बिआ राहे क किनारे जाइ गिरेन। चिड़ियन आइन अउर चुन गइन।
5. तनिक बिआ चट्टान क धरती प जाइ गिरेन। हुआँ क माटी उथली रही। बिआ फउरन उगेन, काहेकि माटी गहिर नाहीं रही।
6. यह बरे जइसे सूरज निकरा तउ उ पउधन झुराइ गएन। अउर काहेकि उ सबइ जिआदा जर पकड़े नाहीं रहेन एह बरे झुराइके गिर गएन।
7. बिआ क एक हींसा कँटहरी झाड़िन मँ जाइ गिरा, झाड़िन बाढ़िन, अउर उ सबइ उ पउधन क दहबोच लिहेन।
8. मुला थोड़ा बिआ जउन बढ़िया धरती प गिरा रहेन, बढ़िया फसल देइ लागेन। फसल, जेतना बोइ ग रही, ओसे कउनो तीस गुनी, साठ गुनी, या सौ गुनी स भी जिआदा भई।
9. जउन सुन सकत ह, उ सुनि लेई!”
10. फिन ईसू क चेलन ओकॅरे लगे जाइके पूछेन, “तू ओनसे बात करत भए दिस्टान्त कथा क प्रयोग काहे करत ह?”
11. जवाबे मँ उ ओनसे कहेस, “सरगे क राज्य क भेद क जानइ क अधिकार सिरिफ तोहका दीन्ह ग अहइ, ओनका नाहीं।
12. काहेकि जेकरे लगे थोड़ा बहोत बाटइ, ओका अउर भी दीन्ह जाई अउर ओकरे लगे ढेर होइ जाई। मुला जेकरे लगे कछू भी नाहीं अहइ, ओहसे जेतना स ओकरे लगे बाटइ, उ भी छोर लीन्ह जाइ।
13. एह बरे मइँ ओनसे दिस्टान्त कथा क प्रयोग करत कहत हउँ। काहेकि अगर उ सबइ निहारत हीं मुला असल मँ ओनका कछू देखॉई नाहीं देत, उ पचे अगर सुनत हीं, मुला असल मँ उ सबइ न सुनत हीं, न समझत हीं।
14. इ तरह ओन प यसायाह की भविस्सबाणी खरी उतरत ही: ‘तू सुनब्या अउर सुनतइ ही रह्ब्या मुला तोहरे कछू भी समुझ न आई तू लखत ह, बस देखतइ ही रह्ब्या मुला तोहका तउ कछू सूझ ना पाई,
15. काहेकि ओनके अकिल प पाथर पड़ा हइ सबइ आपन कान मूँद लिहेन, अउर आँखी बंद कई राखी अहइँ जेसे आपन आँखिन स उ सबइ कछू न निहारइँ अउर उ सबइ कनवा स कछू सुनि न पावइँ या आपन हिरदय स कबहुँ बूझइँ अउ मुड़िकइ कबहुँ मोरी कइँती आवइँ अउर जेसे मइँ ओनका उद्धार करउँ।’
16. मुला तोहार आँखी अउर कान धन्य अहइँ काहेकि उ सबइ देख सुन सकत हीं।
17. मइँ सच कहत हउँ बहोतन नबियन अउर धर्मी जउन बातन क देखइ चाहत रहेन, ओनका तू देखत अहा। उ पचे ओनका नाहीं देखि सकतेन। अउ जउन बातन क उ सबइ सुनइ चाहत रहेन, ओनका तू सुनत बाट्या। उ सबइ ओनका नाहीं सुन सकेन।
18. “तउ बिआ बोअइ क दिस्टान्त क अरथ सुन ल्या।
19. “उ बिआ जउन राह क किनारे गिर गवा रहा, ओकर अरथ अहइ कि जबहिं कउनो सरगे क राज्य क उपदेस सुनावत ह अउर समझत नाहीं तउ दुस्ट आइके, ओकरे मनवा मँ जउन उगा रहा, उखाड़ लइ जात ह।
20. “उ सबइ बिआ जउन पथरही धरती प छितराइ ग रहेन, ओकर अरथ अहइ उ मनई जउन उपदेस सुनत ह, ओका खुसी होइके फउरन अपनावत ह
21. मुला आपन भीतर ओनकइ जड़ नाहीं जमइ देत, उ तनिक देर ठहर पावत ह, जब उपदेस क कारण ओह प कस्ट अउर यातना आवत हीं तउ उ फउरन डगमगाइ जात ह।
22. “कँटवन मँ छितराइ गवा बिआ क मतलब अहइ, उ मनई जउन उपदेस क तउ सुनत ह, मुला संसार क फिकिर अउर धन क लालच उपदेस क दहबोच लेत ह अउर उ मनई सफल नाहीं होइ पावत।
23. “नीक धरती प छितरान बिआ क अरथ अहइ उ मनई जउन उपदेस क सुनत ह अउर समझत ह। उ सफल होत ह। ओकर सफलता तीस गुनी, साठ गुनी या सौ गुनी तक होत ह।”
24. ईसू ओनके समन्वा एकठू अउर दिस्टान्त कथा राखेस, “सरगे क राज्य उ मनई क नाईं अहइ जउन आपन खेतवा मँ नीक बिआ बोएस।
25. मुला जब मनइयन सोवत रहेन, उ मनई क दुस्मन आवा अउर गोहूँ क बीचउबीच खरपतवार बोइ गवा।
26. जइसे गोहूँ अँखुवान अउर ओह प बालन आइन तउ खरपतवार देखाइ लाग।
27. तइसेन खेते क मालिक क लगे आइके ओकर नउकरन ओसे कहेन, ‘मालिक, तू तउ खेतवा मँ बढ़िया बिआ बोए रहा, बोए रह्या न? फिन ई खरपतवार कहाँ ते आइ गवा?’
28. “तब उ ओनसे कहेस, ‘इ कउनो दुस्मने क काम अहइ।’ “ओकर नउकरन ओसे पूछेन, ‘का तू चाहत ह कि हम सबइ जाइके खरपतवार उखाड़ देइ?’
29. “उ बोला, ‘नाहीं काहेकि जब तू खरपतवार उखड़ब्या तउ ओनके संग तू गोहूँ भी उखाड़ देब्या।
30. जब ताईं फसल पाकइ, दुइनउँ क साथ साथ बाढ़इ द्या, फिन कटनी क समइ फसल क कटइयान स कहब कि पहिले खरपतबारे क गट्ठर बनाइके ओनका जराइ द्या अउर गोहूँ बटोरिके मोरे खरिहाने मँ धइ द्या।’”
Awadhi Bible 2005
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