11. उ पचे कँपकँपात चिड़ियन स मिस्र स अइहीं। उ पचे काँपत कबूतरे क नाई अस्सूर क धरती स अइहीं अउर मइँ ओनका ओनके घर वापस लइ जाब।” यहोवा इ कहे रहा।
1. एप्रैम हवा पकड़इ क जतन करत ह। उ पचे सारे दिन पूर्वी हवा क पाछा करत रहत ह। सारा रास्ट्र बेईमानी अउर हिंसा मँ व्यस्थ अहइ, उ पचे अस्सूर क संग संधि किहेन। उहइ समइ नज़राना क रूप मँ मिस्र क तेल भेजत ह।
2. यहोवा कहत ह, “इस्राएल क खिलाफत मँ मोर एक अभियोग अहइ। याकूब जउन करम किहेन ह, ओका ओनके बरे सजा दीन्ह जाइ चाही। आपन किए भए कुकरमन बरे ओका निहचइ ही सजा दीन्ह जाइ चाही।
3. अबहीं याकूब आपन माता क गरभ मँ ही रहा कि उ आपन भाई क संग चालबाजी करब सुरू कइ दिहस। याकूब एक ठु सक्तीवाला युवक रहा अउर उ समइ उ परमेस्सर क संग कुस्ती लड़े रहा।
6. तउ आपन परमेस्सर कइँती लउटि आवा। ओकरे बरे वफ़ादार रहा। निआव अउर दयालुता कायम रखा। हमेसा आसावादी रहा कि परमेस्सर आपन वाचा क पूरा करब्या।
7. “याकूब अइसा व्यापारी क तरह अहइ जउन लोगन स छल करइ बरे गलत तराजू क उपयोग करत ह।
8. एप्रैम कहेस, ‘मइँ धनवान हउँ। मइँ सच्ची सम्पत्ति पाइ लिहे अहउँ। मोरे अपराधन क कउनो मनई क पता ही नाहीं चली। मोरे पापन क कउनो मनई जान ही नाहीं पाई।’
9. “मुला मइँ तउ तबहिं स तोहार परमेस्सर यहोवा हउँ जब तू मिस्र क धरती स आवा रहा, जब मइँ तोहका रेगिस्तान मँ तम्बुअन मँ राखे रहा, ठीक वइसा ही जइसा कि पनाह क त्यौहार क समइ मँ रहा करत रहेन।
10. मइँ नबियन स बात किहेउँ। मइँ ओनका अनेक दर्सन दिहेउँ। मइँ नबियन क तू पचन्क आपन पाठ पढ़ावइ क बहोत स तरिका दिहेउँ।
11. मुला गिलाद मँ अबहुँ भी पाप अहइ। हुआँ बियर्थ देवतन अहइँ। गिलगाल मँ लोग बर्धन क बलियन क अर्पण करत हीं। हुवाँ बहुत स वेदियन मँ जोते भए खेते क कतारन क नाईं अहइँ।
12. “याकूब आराम क भुइँया कइँती भाग गवा। उ पचे दास क नाईं काम किहेन जे आपन दुई ठू पत्नियन पावइ खातिर भेड़िन क निगरानी किहेस।
13. तब यहोवा एक ठु नबी क जरिये इस्राएल क मिस्र स बाहेर लाएस, अउर पाछे दूसर नबी दुआरा इस्राएल क सुरच्छा किहेस।
2. तोहका दाया, सान्ति अउर पिरेम बहुतियात स मिलत रहइ।
3. पिआरे दोस्तो! मइँ बहोत चाहत रहे कि तोहका उ उद्धार क बावत लिखउँ, जेकर हम सबे भागीदर अही। मइँ तोहका लिखइ क अउर प्रोत्साहित करइ क आवस्यकता क अनुभव किहेउँ जइसेन कि तू उ बिसवास बरे संघर्स करत रहा जेका परमेस्सर पवित्तर मनइयन क हमेसा हमेसा बरे दिहे अहइ।
4. काहेकि हमरे सबके बीचे मँ कछू मनई चोरी स आइ ग अहइँ। एनके अपराध क बावत सास्तर मँ पहिलेन स आगाह कइ दीन्ह गवा अहइ। इ सबइ परमेस्सर क विरोध मँ अहइँ. इ पचे परमेस्सर क अनुग्रह क लुच्चापन मँ बदल डावत हीं अहइ अउर हमार एक ही पर्भू अउर स्वामी ईसू मसीह मँ नाहीं बिसवास करतेन।
5. मइँ तोहका इ याद दियावा चाहत हउँ कि जउन पर्भू अपने लोगन क मिस्त्र क धरती स बचाइ क निकार लिहे रहा। अउर जउ उ बिसवास नाहीं करत रहेन, ओनका कउने तरह स नस्ट कइ दिहे रहा।
6. अउर याद राखा कि जउन सरगदूतन अपने पद क स्थिर नाहीं रख सकेन आपन अउर निज निवास क छोड़ दिहे रहेन, उ ओनका अनन्त बन्धनन मँ जकडिके उस भीषन दिन क निआव बरे अन्धकार मँ रखे बाटइ।
7. इही तरह स मइँ तोहका इहउ याद दिआवा चाहत अहउँ कि सदोम अउर अमोरा अउर ओनके लगे पास क नगरन ऍनही दूतन क तरह यौन अनाचार किहेन तथा अप्राकृतिक यौन सम्बन्ध क पाछे छावत रहेन। ओनका कबहूँ न बुझइवाली आगी मँ झोक देइ क दण्ड दीन्ह गवा। हम सबन क अइसे उदाहरण स सीख लेइ चाही।
8. ठीक इही तरह हमरे समहू मँ घुसइवाले इ सब मनई अपने सपना क पीछे दउड़त अपने सरीर क असुद्ध करत अहइँ। इ सबइ पर्भू क तुच्छ जानत हीं अउर महिमावान सरगदूतन क निन्दा करत हीं।
9. प्रमुख सरगदूत मीकाईल जउ सइतान क साथ विवाद करत भवा मूसा क ल्हास क बावत बहस करत रहा तउ उ ओकरे खिलाफ अपमानजनक आरोप लगावइ क हिम्मत नाहीं जुटाइ सका। उ सिरिफ एतना कहेस, “प्रर्भू तोहका डाटइ अउर फटकारइ।”
10. मुला इ लोग तउ ओन बातन क निन्दा करत हीं अउर इ पचे ओनका नाहीं समझतेन। अउर इ पचे अविवेकी जानवरन क नाई जउन जिन बातन स सहज रुप स परिचित अहइँ, इ बातन उहइ बाटिन ओनही क द्वारा नास होइ जात ह।
16. इ पचे चुगुलखोर अहीं अउर दोख ढूढइवाले अहीं। इ सबेन्ह अपनी इच्छा क गुलाम अही अउर अपने मुँहे स घमंडभरी बात बोलत हीं। अपने फायदे क बरे इ सबेन्ह दूसरे क चापलूसी करत हीं।