एक विषय पर बाइबिल के श्लोक

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खराब चरित्र: [ईर्ष्या]
किएक तँ अहाँ सभ एखनो सांसारिक छी। जखन अहाँ सभ मे डाह आ झगड़ा होइत अछि तँ की ई एहि बातक प्रमाण नहि अछि जे अहाँ सभ सांसारिक छी? की अहाँ सभक व्‍यवहार एहन लोकक व्‍यवहार जकाँ नहि अछि जकरा सभ मे पवित्र आत्‍मा नहि छथि?
अहाँ सभ कहियो कोनो एहन परीक्षा मे नहि पड़लहुँ जे मनुष्‍य सभ केँ नहि होइत रहैत अछि। परमेश्‍वर विश्‍वासयोग्‍य छथि। ओ अहाँ सभ केँ एहन परीक्षा मे नहि पड़ऽ देताह जे अहाँ सभक सहनशक्‍ति सँ बाहर होअय। ओ परीक्षाक समय मे तकरा सहबाक साहस दैत अहाँ सभ केँ पार कऽ निकलबाक उपाय सेहो उपलब्‍ध करौताह।
प्रेम सहनशील आ दयालु होइत अछि। प्रेम डाह नहि करैत अछि, प्रेम अपन बड़ाइ नहि करैत अछि आ ने घमण्‍ड करैत अछि।
यौ भाइ लोकनि, अहाँ सभ एक-दोसराक निन्‍दा नहि करू। जे केओ अपन भायक निन्‍दा करैत अछि वा अपना भाय पर दोष लगबैत अछि से धर्म-नियमक निन्‍दा करैत अछि और धर्म-नियम पर दोष लगबैत अछि। जँ अहाँ धर्म-नियम पर दोष लगबैत छी तँ अहाँ ओकर पालन कयनिहार नहि, बल्‍कि ओकर न्‍याय कयनिहार भऽ गेलहुँ।
अहाँ सभ दुष्‍टता सँ हारि नहि मानू, बल्‍कि भलाइ द्वारा दुष्‍टता पर विजयी होउ।
[2] अहाँ सभ कोनो बातक इच्‍छा करैत छी मुदा ओ पूरा नहि होइत अछि, तखन अहाँ सभ हत्‍या करैत छी। अहाँ सभ डाह करैत छी, मुदा अहाँ सभक लालसा पूरा नहि होइत अछि तँ लड़ैत-झगड़ैत छी। अहाँ सभ केँ एहि लेल नहि भेटैत अछि जे अहाँ सभ परमेश्‍वर सँ मँगैत नहि छियनि। [3] और जखन अहाँ सभ मँगितो छी तखन एहि लेल नहि भेटैत अछि जे अहाँ सभ गलत उद्देश्‍य सँ मँगैत छी जे, जे किछु भेटत तकरा द्वारा भोग-विलासक अभिलाषा सभ केँ तृप्‍त करी।
[22] मुदा परमेश्‍वरक आत्‍माक फल ई अछि—प्रेम, आनन्‍द, शान्‍ति, सहनशीलता, दयालुता, भलाइ, विश्‍वस्‍तता, [23] नम्रता आ आत्‍मसंयम। एहि गुण सभक विरुद्ध कोनो नियम नहि अछि।
पहिने अहाँ सभ “प्रजा” नहि छलहुँ, मुदा आब अहाँ सभ परमेश्‍वरक प्रजा छी। पहिने अहाँ सभ पर दया नहि कयल गेल छल, मुदा आब अहाँ सभ परमेश्‍वरक दया प्राप्‍त कयने छी।
[27] जे बात सभ संसार मे नीच, तुच्‍छ आ नगण्‍य मानल जाइत अछि ओहन बात सभ केँ परमेश्‍वर एहि लेल चुनलनि जे ओ तेहन बात सभ केँ नष्‍ट कऽ देथि जे संसार मे महत्‍वपूर्ण मानल जाइत अछि, [28] जाहि सँ केओ परमेश्‍वरक सामने घमण्‍ड नहि करय। [29] परमेश्‍वरेक कारणेँ अहाँ सभ मसीह यीशु मे छी। प्रभु यीशु मसीह अपना सभक लेल परमेश्‍वर द्वारा देल गेल ज्ञान बनि गेल छथि। ओ स्‍वयं अपना सभक धार्मिकता, पवित्रता, आ पाप सँ छुटकारा भऽ गेल छथि।
स्‍वार्थपूर्ण अभिलाषा सँ वा अपना केँ किछु बनयबाक लेल कोनो काज नहि करू, बल्‍कि नम्र भऽ कऽ दोसर केँ अपना सँ श्रेष्‍ठ मानू।
[14] मुदा जँ अहाँ सभक हृदय कटुता, जरनि आ स्‍वार्थ सँ भरल होअय तँ अपन बुद्धि पर घमण्‍ड नहि करू। एना सत्‍य केँ झूठ सँ नहि झाँपू। [15] एहन “बुद्धि” ऊपर सँ नहि अबैत अछि, बल्‍कि संसार सँ, मानवीय स्‍वभाव सँ आ शैतान सँ अबैत अछि। [16] किएक तँ जतऽ डाह और स्‍वार्थ अछि ततऽ अशान्‍ति और सभ प्रकारक दुष्‍ट काज सभ होइत अछि।
[7] तेँ अहाँ सभ परमेश्‍वरक अधीन होउ। शैतानक आक्रमण केँ सामना करिऔक तँ ओ अहाँ सभ लग सँ पड़ायत। [8] परमेश्‍वरक लग मे आउ तँ ओहो अहाँ सभक लग मे आबि जयताह। यौ पापी लोक सभ, अपन हाथ शुद्ध करू। यौ दूमतिया लोक सभ, अपन हृदय पवित्र करू।
[14] किएक तँ सम्‍पूर्ण धर्म-नियमक निचोड़ एहि आज्ञा मे भेटैत अछि जे “अहाँ अपना पड़ोसी सँ अपने जकाँ प्रेम करू।” [15] मुदा जँ अहाँ सभ एक-दोसर केँ चीरि-फाड़ि कऽ घोँटि लेबाक लेल तत्‍पर रहैत छी तँ सावधान भऽ जाउ। कतौ एना नहि होअय जे अहाँ सभ एक-दोसराक द्वारा नष्‍ट कयल जाइ।
परमेश्‍वर अपन अद्‌भुत सामर्थ्‍यक महान्‌ शक्‍ति सँ अहाँ सभ केँ मजगूत बनबथि, जाहि सँ सभ बात केँ अहाँ सभ धैर्य आ सहनशीलताक संग सहि सकी,
पहिने हुनका सभक जाँच कयल जानि आ हुनका सभक विरोध मे जँ कोनो बात नहि पाओल जाय, तखन मण्‍डली-सेवकक रूप मे काज करथि।
अहाँ सभ केँ स्‍थिर रहनाइ अति आवश्‍यक अछि जाहि सँ परमेश्‍वरक इच्‍छा पूरा कऽ कऽ अहाँ सभ ओ बात सभ प्राप्‍त करी जकरा बारे मे परमेश्‍वर वचन देने छथि।
Maithili Bible 2010
2010 The Bible Society of India and Wycliffe Bible Translators, Inc