एक विषय पर बाइबिल के श्लोक

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ईश्वर: [शाप]
मसीह मूल्‍य चुका कऽ अपना सभ केँ धर्म-नियमक सराप सँ छोड़ौलनि आ स्‍वयं अपना सभक लेल सरापित बनलाह, किएक तँ धर्मशास्‍त्र मे लिखल अछि जे, “जे केओ काठ पर लटकाओल जाइत अछि से सरापित अछि।”
जे सभ अहाँ केँ सराप दैत अछि, तकरा सभ केँ आशीर्वाद दिऔक। जे सभ अहाँक संग दुर्व्‍यवहार करैत अछि, तकरा सभक लेल प्रभु सँ प्रार्थना करू।
स्‍वतन्‍त्रे बनल रहबाक लेल मसीह अपना सभ केँ स्‍वतन्‍त्र कयने छथि, तेँ दृढ़ रहू आ गुलामीक जुआ मे अपना केँ फेर नहि जोतऽ दिअ।
एकर अर्थ अछि जे जँ केओ मसीह मे अछि तँ ओ एक नव सृष्‍टि अछि। पुरान बात सभ समाप्‍त भऽ गेल, आब सभ किछु नव बनि गेल अछि।
प्रिय बौआ सभ, अहाँ सभ ओहि झुट्ठा शिक्षक सभ पर विजयी भऽ गेल छी, कारण अहाँ सभ परमेश्‍वरक छी, और जे अहाँ सभ मे छथि, से तकरा सँ शक्‍तिशाली छथि जे संसार मे अछि।
[37] नहि! अपना सभ सँ जे प्रेम कयने छथि तिनका द्वारा अपना सभ एहि सभ बात मे पूर्ण विजय पबैत छी। [38] किएक तँ हमरा पूर्ण विश्‍वास अछि जे, ने मृत्‍यु आ ने जीवन, ने स्‍वर्गदूत आ ने नरकदूत, ने वर्तमान आ ने भविष्‍य, ने कोनो तरहक शक्‍ति, [39] ने आकाश आ ने पाताल, और ने सौंसे सृष्‍टि मे आरो कोनो वस्‍तु अपना सभ केँ परमेश्‍वरक ओहि प्रेम सँ अलग कऽ सकत जे ओ अपना सभक प्रभु, मसीह यीशु, द्वारा प्रगट कयलनि।
[8] अहाँ सभ अपना पर काबू राखू आ सचेत रहू। अहाँ सभक दुश्‍मन शैतान गर्जैत सिंह जकाँ घुमैत-फिरैत एहि ताक मे रहैत अछि जे ककरा फाड़ि कऽ खा ली। [9] विश्‍वास मे दृढ़ रहि कऽ ओकर सामना करू आ मोन राखू जे पूरा संसार मे अहाँ सभक भाय सभ एही प्रकारक कष्‍ट सहि रहल छथि।
[10] अन्‍त मे ई जे, प्रभुक असीम सामर्थ्‍य द्वारा हुनका मे बलवन्‍त होउ। [11] परमेश्‍वर सँ भेटल सम्‍पूर्ण अस्‍त्र-शस्‍त्र धारण करू जाहि सँ शैतानक छल-कपट वला चालि सभक सामना कऽ सकी। [12] कारण, अपना सभक संघर्ष मनुष्‍य सँ नहि अछि, बल्‍कि एहि अन्‍हार संसारक अदृश्‍य अधिपति सभ, अधिकारी सभ आ शासन करऽ वला सभ सँ अछि, आत्‍मिक क्षेत्र सभक दुष्‍ट शक्‍ति सभ सँ अछि। [13] एहि लेल, परमेश्‍वरक सम्‍पूर्ण अस्‍त्र-शस्‍त्र धारण करू, जाहि सँ दुष्‍ट वला दुर्दिन जखन आओत, तँ अहाँ सभ दुष्‍टताक सामना कऽ सकी, आ अन्‍त धरि लड़ि कऽ ठाढ़ रहि सकी। [14] तेँ डाँड़ मे सत्‍यक फाँड़ बान्‍हि कऽ, धार्मिकताक कवच धारण कऽ आ शान्‍तिक सुसमाचार सुनयबाक लेल उत्‍साहक जुत्ता पयर मे पहिरि दृढ़ भऽ कऽ ठाढ़ होउ। [15] संगहि विश्‍वासक ढाल हाथ मे लेने रहू, जकरा द्वारा अहाँ सभ दुष्‍ट शैतानक सभ अग्‍निवाण मिझा सकब। [16] उद्धारक टोप लगाउ आ पवित्र आत्‍माक तरुआरि, अर्थात् परमेश्‍वरक वचन, सेहो लऽ लिअ। [17] हर समय मे परमेश्‍वरक आत्‍माक सहायता सँ सभ प्रकारक प्रार्थना और विनती प्रभु सँ करैत रहू। प्रार्थना करऽ मे सदिखन सचेत आ लगनशील रहू। परमेश्‍वरक सभ लोकक लेल प्रार्थना कयनाइ नहि छोड़ू।
मुदा हम अहाँ सभ केँ कहैत छी, जे केओ अपना भाय पर क्रोधो करत तकरा कचहरी मे दण्‍डक योग्‍य ठहराओल जयतैक। जे अपन भाय केँ ‘रे मूर्ख’ कहत, तकरा धर्म-महासभा मे ठाढ़ होमऽ पड़तैक, और जे केओ अपना भाय केँ सराप देत, से नरकक आगि मे खसयबा जोगरक अछि।
सभ केओ पाप कयने अछि आ परमेश्‍वरक महिमा तक पहुँचऽ मे चुकि जाइत अछि।
किएक तँ पापक मजदूरी अछि मृत्‍यु, मुदा परमेश्‍वरक वरदान अछि अनन्‍त जीवन जे अपना सभक प्रभु, मसीह यीशुक माध्‍यम सँ प्राप्‍त होइत अछि।
अहाँ सभ पर जे अत्‍याचार करय तकरा आशीर्वाद दिअ; हँ, आशीर्वाद दिअ, सराप नहि।
Maithili Bible 2010
2010 The Bible Society of India and Wycliffe Bible Translators, Inc