सोचू! पिता अपना सभ सँ कतेकटा प्रेम कयने छथि, जे अपना सभ परमेश्वरक सन्तान कहाबी! और वास्तव मे सैह छीहो। संसार अपना सभ केँ नहि चिन्हैत अछि, से एहि कारणेँ जे हुनको नहि चिन्हलकनि।
[7] प्रिय मित्र सभ, अपना सभ एक-दोसर सँ प्रेम करी, किएक तँ प्रेम परमेश्वर सँ उत्पन्न होइत अछि। जे प्रेम करैत अछि, से परमेश्वरक सन्तान अछि और परमेश्वर केँ चिन्हैत अछि। [8] जे प्रेम नहि करैत अछि, से परमेश्वर केँ नहि चिन्हैत अछि, किएक तँ परमेश्वर प्रेम छथि।
[16] परमेश्वरक प्रेम जे अपना सभक प्रति छनि, तकरा अपना सभ जानि गेल छी और ताही पर भरोसा करैत छी। परमेश्वर प्रेम छथि। जे केओ प्रेम मे रहैत अछि से परमेश्वर मे रहैत अछि, और परमेश्वर ओकरा मे। [17] अपना सभ मे प्रेम सिद्ध होयबाक उद्देश्य ई अछि जे अपना सभ न्यायक दिन मे निर्भय रही, और एहि कारण निर्भय रही जे संसार मे अपना सभ तेहन छी जेहन यीशु छथि। [18] प्रेम मे डर नहि होइत अछि। सिद्ध प्रेम डर केँ भगा दैत अछि, कारण डर दण्ड सँ सम्बन्धित अछि। जे डेराइत अछि, से प्रेम मे सिद्ध नहि भेल अछि। [19] अपना सभ एहि लेल प्रेम करैत छी जे ओ पहिने अपना सभ सँ प्रेम कयलनि।
हम मसीहक संग क्रूस पर मरि गेल छी। आब हम जीवित नहि रहलहुँ, बल्कि मसीह हमरा मे जीबैत छथि। जे जीवन हम आब एहि शरीर मे जीबैत छी से विश्वास सँ जीबैत छी। ई विश्वास परमेश्वरक पुत्र पर टिकल अछि, जे हमरा सँ प्रेम कयलनि आ हमरा लेल अपना केँ अर्पित कऽ देलनि।
“हँ, परमेश्वर संसार सँ एहन प्रेम कयलनि जे ओ अपन एकमात्र बेटा केँ दऽ देलनि, जाहि सँ जे केओ हुनका पर विश्वास करैत अछि से नाश नहि होअय, बल्कि अनन्त जीवन पाबय।
एहि सँ बड़का प्रेम कोनो नहि अछि जे, केओ अपन मित्रक लेल अपन प्राण देअय।
मुदा परमेश्वर अपना प्रेम केँ अपना सभक प्रति एहि तरहेँ देखबैत छथि जे, जखन अपना सभ पापिए छलहुँ तखने मसीह अपना सभक लेल मरलाह।
[4] मुदा अपार दया करऽ वला परमेश्वर अपना सभक प्रति महान् प्रेम रखबाक कारणेँ, [5] अपना सभ केँ मसीहक संग-संग जीवित कऽ देलनि—सेहो तहिया, जहिया अपना सभ अपराधक कारणेँ मरल छलहुँ! हुनकर कृपे सँ अहाँ सभक उद्धार भेल अछि।
[37] नहि! अपना सभ सँ जे प्रेम कयने छथि तिनका द्वारा अपना सभ एहि सभ बात मे पूर्ण विजय पबैत छी। [38] किएक तँ हमरा पूर्ण विश्वास अछि जे, ने मृत्यु आ ने जीवन, ने स्वर्गदूत आ ने नरकदूत, ने वर्तमान आ ने भविष्य, ने कोनो तरहक शक्ति, [39] ने आकाश आ ने पाताल, और ने सौंसे सृष्टि मे आरो कोनो वस्तु अपना सभ केँ परमेश्वरक ओहि प्रेम सँ अलग कऽ सकत जे ओ अपना सभक प्रभु, मसीह यीशु, द्वारा प्रगट कयलनि।
Maithili Bible 2010
2010 The Bible Society of India and Wycliffe Bible Translators, Inc