एक विषय पर बाइबिल के श्लोक

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नीक चरित्र: [देख-रेख करनाइ]
जँ कोनो विधवा केँ बेटा-बेटी वा नाति-पोता सभ अछि, तँ ओहि बेटा-बेटी नाति-पोता सभ केँ सभ सँ पहिने ई सिखबाक चाही जे माय-बाबू, दाइ-बाबा सभ जे हमरा सभक पालन-पोषण कयलनि, तकरा बदला मे हुनका सभक प्रति जे हमर कर्तव्‍य अछि, से हुनका सभक देख-रेख कऽ कऽ हमरा पूरा करबाक अछि। एहन बात सँ परमेश्‍वर प्रसन्‍न होइत छथि।
जँ हमरा अयबा मे विलम्‍ब भऽ जाय, तँ अहाँ एहि बात केँ जानि ली जे परमेश्‍वरक परिवार मे लोकक चालि-चलन केहन रहबाक चाही। परमेश्‍वरक परिवार जे अछि, से जीवित परमेश्‍वरक मण्‍डलिए अछि। वैह सत्‍यक खाम्‍ह आ न्‍यो अछि।
तखन अहाँ सभ सत्‍य केँ जानब, और सत्‍य अहाँ सभ केँ स्‍वतन्‍त्र कऽ देत।”
ओकरा कपार पर एक रहस्‍यमय नाम अंकित छलैक—“महान् बेबिलोन, पृथ्‍वीक वेश्‍या सभ आ घृणित वस्‍तु सभक माय।”
परमेश्‍वर पिताक दृष्‍टि मे शुद्ध आ असली धर्म यैह अछि—विपत्ति मे पड़ल अनाथ और विधवा सभक सहायता कयनाइ और अपना केँ संसारक अशुद्धता सँ बँचा कऽ रखनाइ।
जे हमर माँसु खाइत अछि और हमर खून पिबैत अछि, तकरा अनन्‍त जीवन छैक, और हम ओकरा अन्‍तिम दिन मे जिआ देबैक।
की ई लकड़ी मिस्‍तिरी नहि अछि? की ई मरियमक बेटा और याकूब, योसेस, यहूदा और सिमोनक भाय नहि अछि? की एकर बहिन सभ अपना सभक बीच नहि रहैत अछि?” ओ सभ यीशु सँ डाह करऽ लागल।
यीशु बजलाह, “रस्‍ता हमहीं छी, हँ, और सत्‍य और जीवन सेहो छी। हमरा बिनु केओ पिता लग नहि अबैत अछि।
जे केओ अपन सम्‍बन्‍धी सभक आ विशेष कऽ अपने परिवारक सदस्‍य सभक देख-रेख नहि करैत अछि, से विश्‍वास त्‍यागि देने अछि और अविश्‍वासिओ सँ भ्रष्‍ट अछि।
मुदा प्रभुक भाय याकूब केँ छोड़ि हमरा आरो मसीह-दूत मे सँ किनको सँ भेँट नहि भेल।
[3] यीशु हुनका उत्तर देलथिन, “हम अहाँ केँ सत्‍ये कहैत छी जे, जाबत तक केओ नव जन्‍म नहि लेत ताबत तक ओ परमेश्‍वरक राज्‍य नहि देखि सकत।” [4] निकोदेमुस हुनका कहलथिन, “केओ बूढ़ भऽ कऽ कोना जन्‍म लेत? की ओ मायक गर्भ मे दोसर बेर प्रवेश कऽ फेर जन्‍म लऽ सकत?!” [5] यीशु उत्तर देलथिन, “हम अहाँ केँ विश्‍वास दिअबैत छी जे, जाबत तक केओ जल और आत्‍मा सँ जन्‍म नहि लेत ताबत तक ओ परमेश्‍वरक राज्‍य मे प्रवेश नहि कऽ सकत।
सभक संग मेल-मिलाप सँ रहबाक लेल आ पवित्र जीवन बितयबाक लेल पूरा मोन सँ प्रयत्‍न करू, कारण, पवित्रताक बिना केओ परमेश्‍वर केँ नहि देखऽ पाओत।
अहाँ जाहि स्‍त्री केँ देखलहुँ, से ओ महानगर अछि जे पृथ्‍वीक राजा सभ पर राज्‍य करैत अछि।”
हम अहाँ केँ कहैत छी जे, अहाँ ‘पत्रुस’ छी। हम एहि चट्टान पर अपन मण्‍डलीक स्‍थापना करब आ मृत्‍युक सामर्थ्‍य एहि पर विजयी नहि होयत।
एकरा बुझबाक लेल विवेकपूर्ण बुद्धिक आवश्‍यकता अछि। ओ सातटा मूड़ी सातटा पहाड़ अछि जाहि पर ओ स्‍त्री बैसल अछि।
[6] कोनो बातक चिन्‍ता-फिकिर नहि करू, बल्‍कि प्रत्‍येक परिस्‍थिति मे परमेश्‍वर सँ प्रार्थना आ निवेदन करू; अपन विनती धन्‍यवादक संग हुनका सम्‍मुख प्रस्‍तुत करू। [7] तखन परमेश्‍वरक शान्‍ति, जकरा मनुष्‍य केँ बुझि पौनाइ असम्‍भव अछि, से अहाँ सभक हृदय आ अहाँ सभक बुद्धि केँ मसीह यीशु मे सुरक्षित राखत।
यौ हमर बौआ सभ, जाबत धरि मसीहक स्‍वरूप अहाँ सभ मे नहि बनि जायत, ताबत धरि हम अहाँ सभक लेल फेर प्रसव-पीड़ा सहि रहल छी।
एहन चालि-चलन राखि कऽ जकरा कारणेँ अहाँक विवेक अहाँ केँ दोषी नहि ठहराओत, जाहि सँ जे लोक सभ अहाँ सभ केँ बदनाम करैत अछि आ अहाँ सभक नीक मसीही आचरणक निन्‍दा करैत अछि, तकरा सभ केँ लज्‍जित होमऽ पड़ैक।
जाहि सात स्‍वर्गदूत लग सातटा कटोरा छलनि ताहि मे सँ एकटा स्‍वर्गदूत हमरा लग आबि कऽ कहलनि, “एतऽ आउ, हम अहाँ केँ देखायब जे ओहि महावेश्‍या केँ कोना कऽ दण्‍डित कयल जायत जे बहुतो नदी-नहरिक पानि पर बैसल अछि।
[15] “अहाँक भाय जँ अहाँक संग अपराध करय तँ असगरे ओकरा लग जाउ आ एकान्‍त मे ओकर दोष ओकरा बुझा दिऔक। ओ जँ अहाँक बात सुनलक, तँ एकटा भाय अहाँ केँ फेर भेटि गेल से बुझू। [16] मुदा जँ ओ अहाँक बात नहि सुनैत अछि तँ अपना संग एक-दू आदमी केँ लऽ कऽ जाउ आ ओकरा बुझबिऔक, जाहि सँ, जहिना धर्मशास्‍त्र मे लिखल अछि, ‘हर बात दू वा तीन साक्षीक गवाही पर आधारित रहय’। [17] मुदा ओ जँ ओकरो सभक बात सुनबाक लेल तैयार नहि भेल, तँ तकर जानकारी विश्‍वासी मण्‍डली केँ दिऔक। आ जँ ओ विश्‍वासी मण्‍डलीक बात सेहो नहि सुनत, तँ ओकरा संग एहन व्‍यवहार करू जेना ओ अविश्‍वासी वा कर असूल कयनिहार ठकहारा होअय। [18] हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, अहाँ सभ जे किछु पृथ्‍वी पर बान्‍हब, से स्‍वर्ग मे बान्‍हल गेल रहत, आ जे किछु अहाँ सभ पृथ्‍वी पर खोलब से स्‍वर्ग मे खोलल गेल रहत।
[22] मण्‍डली मसीहक देह अछि, आ तिनका सँ परिपूर्ण अछि जे सभ किछु केँ सभ तरहेँ परिपूर्णता धरि लऽ जाइत छथि। [23] अहाँ सभ जे छी, से अपन अपराध और पापक कारणेँ मरल छलहुँ।
कारण, जाहि तरहेँ मसीह अपन शरीरक, अर्थात्‌ मण्‍डलीक, सिर छथि और ओकर मुक्‍तिदाता छथि, तहिना पति अपन स्‍त्रीक उपर, अर्थात् ओकर सिर, अछि।
विश्‍वासी सभक समूह एक मोन एक प्राण छल। आ केओ अपना सम्‍पत्ति केँ अपने नहि बुझैत छलाह, बल्‍कि सभक सझिआ मानैत छलाह।
किएक तँ, यौ भाइ लोकनि, हमरा खलोएक घरक किछु लोक द्वारा एहि बातक जानकारी भेटल अछि जे अहाँ सभक बीच झगड़ा चलि रहल अछि।
जे हमरा अस्‍वीकार करैत अछि और हमर वचन ग्रहण नहि करैत अछि, तकर न्‍याय करऽ वला एक अछि—जे वचन हम कहने छी, वैह अन्‍तिम दिन मे ओकर न्‍याय करतैक।
“अहाँ सभ हमरा कहैत सुनलहुँ जे, हम जा रहल छी आ फेर अहाँ सभ लग आबि रहल छी। जँ अहाँ सभ हमरा सँ प्रेम करितहुँ तँ आनन्‍द मनबितहुँ जे हम पिता लग जा रहल छी, कारण पिता हमरा सँ पैघ छथि।
स्‍वर्गदूत सभ तखन की छथि? ओ सभ परमेश्‍वरक सेवा-टहल करऽ वला आत्‍मा सभ छथि। हुनका सभ केँ ओहि लोक सभक सेवाक लेल पठाओल जाइत छनि जे सभ उद्धार पयबाक उत्तराधिकारी बनैत अछि।
“अहाँ सभ एहि पर ध्‍यान राखू जे एहि बच्‍चा सभ मे सँ एकोटा केँ तुच्‍छ नहि बुझब। हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, स्‍वर्ग मे एकर सभक रक्षा कयनिहार दूत सभ सदिखन हमर स्‍वर्गीय पिताक मुँह दिस तकैत रहैत छथि।
कारण, अपना सभक संघर्ष मनुष्‍य सँ नहि अछि, बल्‍कि एहि अन्‍हार संसारक अदृश्‍य अधिपति सभ, अधिकारी सभ आ शासन करऽ वला सभ सँ अछि, आत्‍मिक क्षेत्र सभक दुष्‍ट शक्‍ति सभ सँ अछि।
“हँ, परमेश्‍वर संसार सँ एहन प्रेम कयलनि जे ओ अपन एकमात्र बेटा केँ दऽ देलनि, जाहि सँ जे केओ हुनका पर विश्‍वास करैत अछि से नाश नहि होअय, बल्‍कि अनन्‍त जीवन पाबय।
हिनका सभ केँ सत्‍य द्वारा अपना लेल पवित्र कऽ लिअ; सत्‍य अहाँक वचन अछि।
हम अहाँक कष्‍ट आ गरीबी सँ परिचित छी। मुदा वास्‍तव मे अहाँ धनवान छी! और हम इहो जनैत छी जे, ओ सभ जे यहूदी भऽ कऽ अपना केँ परमेश्‍वरक लोक कहैत अछि, मुदा अछि नहि, से सभ अहाँक कतेक बदनामी करैत अछि। ओ सभ शैतानक समूह अछि।
हुनका सभक आग्रह एतबे छल जे हुनका सभक बीच मे जे गरीब सभ छल, तकरा सभक सुधि ली। आ ठीक सैह काज करबाक लेल हम अपनो उत्‍सुक छलहुँ।
सभ केओ पाप कयने अछि आ परमेश्‍वरक महिमा तक पहुँचऽ मे चुकि जाइत अछि।
Maithili Bible 2010
2010 The Bible Society of India and Wycliffe Bible Translators, Inc