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| सभ प्रकारक पशु-पक्षी, जमीन मे ससरऽ वला जीव-जन्तु, जल मे पाओल जाय वला जीव—सभ केँ मनुष्य द्वारा वश मे कयल जा सकैत अछि आ कयलो गेल अछि। |
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| सभ प्रकारक पशु-पक्षी, जमीन मे ससरऽ वला जीव-जन्तु, जल मे पाओल जाय वला जीव—सभ केँ मनुष्य द्वारा वश मे कयल जा सकैत अछि आ कयलो गेल अछि। |
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| लोकक भीड़ सभ यूहन्ना सँ बपतिस्मा लेबऽ अबैत रहैत छल आ ओ ओकरा सभ केँ कहैत छलथिन, “है साँपक सन्तान सभ! परमेश्वरक आबऽ वला क्रोध सँ बचबाक लेल तोरा सभ केँ के सिखौलकह? |
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| कौआ केँ देखू। ओ सभ ने बाउग करैत अछि आ ने कटनी। ओकरा सभ केँ ने कोठी छैक आ ने बखारी। तैयो परमेश्वर ओकरा सभ केँ खुअबैत छथिन। और अहाँ सभ तँ चिड़ै सभ सँ कतेक मूल्यवान छी! |
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| चिन्ता कऽ कऽ अहाँ सभ मे सँ के अपना उमेर केँ एको घड़ी बढ़ा सकैत छी? |
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| कौआ केँ देखू। ओ सभ ने बाउग करैत अछि आ ने कटनी। ओकरा सभ केँ ने कोठी छैक आ ने बखारी। तैयो परमेश्वर ओकरा सभ केँ खुअबैत छथिन। और अहाँ सभ तँ चिड़ै सभ सँ कतेक मूल्यवान छी! |
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| चिन्ता कऽ कऽ अहाँ सभ मे सँ के अपना उमेर केँ एको घड़ी बढ़ा सकैत छी? |
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