यैह यीशु मसीह अपना सभ केँ परमेश्वरक संग एहि नव सम्बन्ध मे अनने छथि जे सम्बन्ध हुनका कृपा पर आधारित अछि आ जाहि सम्बन्ध मे अपना सभ स्थिर छी। और परमेश्वरक महिमा मे सहभागी होयबाक आशा मे आनन्दित छी।
[10] हम एना बात कऽ कऽ मूर्ख बनि गेल छी मुदा अहीं सभ हमरा ताहि लेल विवश कयने छी। उचित तँ ई छल जे अहीं सभ हमरा योग्य ठहरबितहुँ, कारण, हम किछु नहि होइतो ओहि “महा मसीह-दूत सभ” सँ कोनो तरहेँ कम नहि छी। [11] अहाँ सभक बीच मसीह-दूतक असली लक्षण अटल धैर्यक संग हमरा द्वारा प्रदर्शित भेल, अर्थात् आश्चर्यपूर्ण चिन्ह, सामर्थ्यक काज आ चमत्कार सभ।