| | देखैत छी ने, मनुष्य मात्र विश्वासे सँ नहि, बल्कि काज सँ धार्मिक ठहराओल जाइत अछि। | | | | स्वर्गदूतो वला बात केँ मोन पाड़ू—स्वर्गदूत सभ मे सँ जे सभ अपन अधिकारक पद नहि राखि अपन वास स्थान छोड़ि देलक, तकरा सभ केँ परमेश्वर भीषण न्याय-दिनक न्यायक लेल कहियो नहि खुलऽ वला बन्हन मे बान्हि कऽ अन्हार मे राखि देलथिन। | | | | जाहि जानबर केँ अहाँ देखलहुँ से पहिने छल, आब नहि अछि, आ अथाह कुण्ड मे सँ निकलऽ वला अछि; ओ निकलत आ नष्ट कयल जायत। मुदा पृथ्वीक ओ निवासी सभ जकरा सभक नाम सृष्टिक आरम्भहि सँ जीवनक पुस्तक मे नहि लिखल गेल अछि, से सभ ई देखि कऽ आश्चर्य मे पड़ि जायत जे ओ जानबर पहिने छल, तखन नहि छल, और फेर आबि गेल अछि। | | | | किएक तँ पापक मजदूरी अछि मृत्यु, मुदा परमेश्वरक वरदान अछि अनन्त जीवन जे अपना सभक प्रभु, मसीह यीशुक माध्यम सँ प्राप्त होइत अछि। | |
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